भारत का दिल- दिल्ली मासूम बच्चों की दर्दनाक हत्याओं से दहल उठा। जब ये खबर नागराज ने पढ़ी तो उसने जैबरा नाम के उस गिरोह का सफाया करने की कसम खाई जिसने ये क्रूरता दिखाई थी। परंतु जैबरा तक पहुंचने का रास्ता केवल चीता जानता था जो जैबरा का दायां हाथ था। और चीता कैद था तिहाड़ की कड़ी सुरक्षा में जिसे तोड़ना अंसभव था।
अपने सफर के दौरान दक्षिण अफ्रीका से गुजरते हुए नागराज बचाता है कुछ ऐसे काले गुरिल्ला योद्धाओं की जान जिन्होंने गोरी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी। और इस तरह वो बन जाता है तानाशाह जनरल टमटा का दुश्मन। जनरल टमटा एक खूनी कबीले के सरदार टांगो को सौंपता है नागराज की मौत का जिम्मा। जिसके मुंह से निकलती थी भयंकर ज्वाला जिसने झुलसा कर रख दिया नागराज और उसके साथियों को।
इच्छाधारी नागों के द्वीप नागद्वीप से उनके शक्ति के श्रोत दिव्य मणि की चोरी कर दो चोर उसका सौदा करते हैं जुर्म की दुनिया के बादशाह शंकर शहंशाह के साथ| उस दिव्य मणि की खोज में नागद्वीप का राजकुमार विषप्रिय पहुंचता है मुम्बई और जा फंसता है शंकर शहंशाह के जाल में| तब शंकर शहंशाह उसकी मजबूरी का फायदा उठाते हुए चलता है एक चाल जिसके कारण नागराज की नाग-शक्तियां उसके शरीर से निकल जाती हैं और वो हो जाता है असहाय|